आजा भई जम्हूरे
तमाशा दिखायेंगे तो कुछ मिल सकता है
गुजारा कुछ दिन और चल सकता है
अच्छा जो पूछेगा बतलायेगा
हाँ उस्ताद
बता- अफगानिस्तान में जब दो पठानों को जब दो बम मिले तो उन्होंने क्या किया?
उस्ताद बताता हूँ
पहला बोला कि चलो इसको पुलिस थाने में दे आते हैं
फिर-
दूसरा बोला- रास्ते में बम फूट गया,तब क्या होगा
झूट बोल देंगे कि एक ही मिला था- पहला बोला
जम्हूरे ,अब जो मैं पूछूँगा, बतलायेगा
हाँ उस्ताद
बता ब्लॉग जगत में किसको किसके दो बम मिले?
नहीं बतलाऊंगा
अच्छा चल ये बता उनमे से एक बम का हुआ क्या?
उस्ताद उनमे से एक ब्लॉगर बोला
बम को ब्लोग्गेर्स के थाने ले जायेंगे
बाकी ब्लोगर्स बोले अब तो हम भी जायेंगे
फिर दुसरे का क्या हुआ
दूसरा बम गायब हो गया
डर ये है कि दूसरा कहीं थाने ले जाते हुए फट न जाए
चल अपन को क्या मतलब,जम्हूरे
चल साब लोगो,और मेम साब को सलाम ठोक
सर में भी दर्द हो गया है
जा सामने वाले साहब से एक nise(nice) की गोली ले आ
अच्छा तो मेहरबानो,कद्रदानों
जम्हूरा बड़ी उम्मीद से आपके पास आ रहा है
मन (बम भर के नहीं) भर के दीजिए
प्रभु आपका भला करेगा
और वैसे भी
जो दे उसका भला, जो न दे उसका तो है ही भला
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